Class 8 Sanskrit Chapter 12 :Hindi Translation – सम्यग्वर्णप्रयोगेण ब्रह्मलोके महीयते

प्रस्तुत पाठ का शीर्षक श्लोक का एक हिस्सा है जो पाणिनीय शिक्षा ग्रंथों से उद्धृत है। इसमें बताया गया है वर्ण का स्पष्ट मधुर और सम्यक् उच्चारण अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। यह पाठ हमें भाषा (वाणी) की शुद्धता मात्र शब्द नहीं, बल्कि चरित्र और आत्मा को सँवारने का मार्ग है। पाठ का आरंभ छात्र और आचार्य … Read more

Class 8 Sanskrit Chapter 11 :Hindi Translation – सन्निमित्ते वरं त्यागः (ख-भागः)

स्तुत नाटक ‘मृच्छकटिकम्’ से लिया गया है जिसके लेखक राजा शूद्रक थे। इस नाटक में राजा और राज्य की रक्षा हेतु सेवक के कर्त्तव्य की सेवाभाव की पराकाष्ठा दृष्टिगत होती है और राजा भी अपने सेवक व उसके परिवार को बचाने के लिए सर्वस्व त्याग करने को तत्पर है। शिक्षाप्रद व प्रेरणादायक यह नाटक एक … Read more

Class 8 Sanskrit Chapter 10 :Hindi Translation– सन्निमित्ते वरं त्यागः (क-भागः)

संस्कृत साहित्य कथाओं का विशेष महत्त्व है । पञ्चतन्त्र और हितोपदेश की कथाएँ अत्यधिक लोकप्रिय हैं। प्रस्तुत पाठ मूलतः हितोपदेश से गृहीत है। प्रस्तुत कथा को दो भागों में विभक्त किया गया है। एक बार शोभावती नगरी के राजा शूद्रक के यहाँ वीरवर नामक राजकुमार आजीविका के लिए आया। राजा ने उसे अपना सेवक नियुक्त … Read more

Class 8 Sanskrit Chapter 9:Hindi Translation– कोऽरुक्? कोऽरुक्? कोऽरुक्?

एक बार भगवान धन्वन्तरि पृथ्वीलोक पर चिकित्सा व्यवस्था के विषय में जानने के लिए एक सुन्दर तोते के रूप में भ्रमण करने लगे। वे किसी भी वैद्य के घर के पास स्थित वृक्ष पर बैठकर प्रश्न करते थे – ‘स्वस्थ कौन है ? ‘ परन्तु उन्हें कहीं से भी उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। अन्त में … Read more

Class 8 Sanskrit Chapter 8:Hindi Translation – पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्

प्रस्तुत पाठ में भारतदेश के पूर्वोत्तर भाग में स्थित उन राज्यों का वर्णन है, जिन्हें ‘सप्तभगिनी’ की संज्ञा दी गई है। ये राज्य सभ्यता, संस्कृति, परम्पराओं एवं प्राकृतिक सौंदर्य को चहुँ ओर बिखेरते एक समूह के समान है। इनके भौगोलिक पर्यावरण की विचित्रता इन्हें अन्य प्रदेशों से पृथक् करती हैं। सात बहनें, एक भाई यानि … Read more

Class 8 Sanskrit Chapter 7:Hindi Translation – मञ्जुलमञ्जूषा सुन्दरसुरभाषा

संस्कृत भाषा प्राचीनतम और सर्व भाषाओं की जननी है। इसे गीर्वाणवाणी, देववाणी, सुरवाणी भी कहते हैं। ऋषि-मुनियों ने इस भाषा का विकास व विस्तार किया, तो कवियों और लेखकों ने अपने महानतम ग्रन्थों की रचना संस्कृत भाषा में कर इसका गौरव बढ़ाया। भारत के पावन ग्रंथ वेद-वेदान्त – पुराण – रामायण आदि सब संस्कृत में … Read more

Class 8 Sanskrit Chapter 6 Hindi Translation डिजिभारतम् युगपरिवर्तनम्

आधुनिक युग विज्ञान का युग है। प्रतिदिन होते नवीन आविष्कारों ने मनुष्य जीवन ही परिवर्तित कर दिया है। प्रस्तुत पाठ में विज्ञान की देन ‘कम्प्यूटर’ अन्तर्जाल डिजिटल् योजनाओं का भारत के प्रत्येक क्षेत्र में उपयोग किस प्रकार हो रहा है, यह संवाद – शैली में प्रस्तुत किया गया है। वैसे तो आज बच्चा-बच्चा इन सबसे … Read more

Class 8 Sanskrit Chapter 5:Hindi Translation – गीता सुगीता कर्तव्या

बच्चो ! श्रीमद्भगवद्गीता हम भारतीयों का पवित्रतम ग्रंथ है। इसमें आत्मविषयक ज्ञान एवं परमात्मा के प्रेम की अविरल धारा प्रवाहित होती है। श्री वेद व्यास जी द्वारा रचित महाभारत ग्रंथ के भीष्मपर्व का यह अंश है । युद्धक्षेत्र में कायरता को प्राप्त, युद्धविमुख अर्जुन को देखकर श्रीकृष्ण उन्हें आत्म स्मृति एवं परमात्म ज्ञान का परिचय … Read more

Class 8 Sanskrit Chapter 4 :Hindi Translation – प्रणम्यो देशभक्तोऽयं गोपबन्धुर्महामनाः

इस भारतभूमि पर समय-समय पर अनेक विद्वानों, समाज-सुधारकों, मानवतावादी महापुरुषों और देशभक्तों का अवतरण होता रहा है। गोपबन्धुदास एक महान् समाज सेवक और देशभक्त थे। ये सत्यवादि – वनविद्यालय के अध्यापक थे। उनका जन्म उड़ीसा प्रान्त के पुरी जनपद के सुआण्डो ग्राम में हुआ। उन्होंने छात्र जीवन से ही निर्धन व रोगी लोगों की सेवा … Read more

Class 8 Sanskrit Chapter 3 :Hindi Translation– सुभाषितरसं पीत्वा जीवनं सफलं कुरु

प्रस्तुत पाठ में संस्कृत के विभिन्न काव्य-ग्रन्थों से आठ सुभाषितों को संकलित किया गया है। सुभाषित सुन्दर वचन होते हैं जो कर्णप्रिय होने के कारण मन को आनन्दित तो करते ही हैं, इसके अतिरिक्त सुभाषितों में अनेक नीतिगत बातें कही गई हैं। ये मनुष्य के जीवनको सुखमय बनाते हैं। सुभाषित के इन पदों में मानव … Read more