Class 8 Sanskrit Chapter 7:Hindi Translation – मञ्जुलमञ्जूषा सुन्दरसुरभाषा

संस्कृत भाषा प्राचीनतम और सर्व भाषाओं की जननी है। इसे गीर्वाणवाणी, देववाणी, सुरवाणी भी कहते हैं। ऋषि-मुनियों ने इस भाषा का विकास व विस्तार किया, तो कवियों और लेखकों ने अपने महानतम ग्रन्थों की रचना संस्कृत भाषा में कर इसका गौरव बढ़ाया। भारत के पावन ग्रंथ वेद-वेदान्त – पुराण – रामायण आदि सब संस्कृत में … Read more

Class 8 Sanskrit Chapter 6 Hindi Translation डिजिभारतम् युगपरिवर्तनम्

आधुनिक युग विज्ञान का युग है। प्रतिदिन होते नवीन आविष्कारों ने मनुष्य जीवन ही परिवर्तित कर दिया है। प्रस्तुत पाठ में विज्ञान की देन ‘कम्प्यूटर’ अन्तर्जाल डिजिटल् योजनाओं का भारत के प्रत्येक क्षेत्र में उपयोग किस प्रकार हो रहा है, यह संवाद – शैली में प्रस्तुत किया गया है। वैसे तो आज बच्चा-बच्चा इन सबसे … Read more

Class 8 Sanskrit Chapter 5:Hindi Translation – गीता सुगीता कर्तव्या

बच्चो ! श्रीमद्भगवद्गीता हम भारतीयों का पवित्रतम ग्रंथ है। इसमें आत्मविषयक ज्ञान एवं परमात्मा के प्रेम की अविरल धारा प्रवाहित होती है। श्री वेद व्यास जी द्वारा रचित महाभारत ग्रंथ के भीष्मपर्व का यह अंश है । युद्धक्षेत्र में कायरता को प्राप्त, युद्धविमुख अर्जुन को देखकर श्रीकृष्ण उन्हें आत्म स्मृति एवं परमात्म ज्ञान का परिचय … Read more

Class 8 Sanskrit Chapter 4 :Hindi Translation – प्रणम्यो देशभक्तोऽयं गोपबन्धुर्महामनाः

इस भारतभूमि पर समय-समय पर अनेक विद्वानों, समाज-सुधारकों, मानवतावादी महापुरुषों और देशभक्तों का अवतरण होता रहा है। गोपबन्धुदास एक महान् समाज सेवक और देशभक्त थे। ये सत्यवादि – वनविद्यालय के अध्यापक थे। उनका जन्म उड़ीसा प्रान्त के पुरी जनपद के सुआण्डो ग्राम में हुआ। उन्होंने छात्र जीवन से ही निर्धन व रोगी लोगों की सेवा … Read more

Class 8 Sanskrit Chapter 3 :Hindi Translation– सुभाषितरसं पीत्वा जीवनं सफलं कुरु

प्रस्तुत पाठ में संस्कृत के विभिन्न काव्य-ग्रन्थों से आठ सुभाषितों को संकलित किया गया है। सुभाषित सुन्दर वचन होते हैं जो कर्णप्रिय होने के कारण मन को आनन्दित तो करते ही हैं, इसके अतिरिक्त सुभाषितों में अनेक नीतिगत बातें कही गई हैं। ये मनुष्य के जीवनको सुखमय बनाते हैं। सुभाषित के इन पदों में मानव … Read more

Class 8 Sanskrit Chapter 2 :Hindi Translation– अल्पानामपि वस्तूनां संहतिः कार्यसाधिका

प्रस्तुत पाठ में यह बताया गया है कि किस प्रकार अल्प प्राणियों का समूह भी कार्य की सिद्धि कर लेता है। यह पाठ मूलरूपेण हितोपदेश से लिया गया है। कथा के अनुसार ग्रीष्मकाल के आवकाश में कुछ मित्र धार्मिक यात्रा पर निकल पड़ते हैं। वे केदारधाम की ओर बढ़ रहे थे। अचानक तेज वर्षा से … Read more

Class 8 Chapter 1 Sanskrit (New Book Deepakam)

अभ्यासात् जायते सिद्धिः (पृष्ठ 7–8) १. संज्ञानसूक्तं सस्वरं पठत स्मरत लिखत च । सञ्ज्ञानसूक्त का सस्वर पाठ करें, याद करें और लिखें। उत्तरम् : विद्यार्थी स्वयं करें। २. अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखत– (क) सर्वेषां मनः कीदृशं भवेत् ? (ख) सङ्गच्छध्वं संवदध्वम् इत्यस्य कः अभिप्रायः ? (ग) सर्वे किं परित्यज्य ऐक्यभावेन जीवेयुः ? (घ) अस्मिन् … Read more

सुंदर वचन Class 8 Sanskrit Chapter 1

गुण गुणी लोगों में ही गुण होते हैं / कहलाते हैं। वे निर्गुण व्यक्ति के पास पहुँच कर दोष हो जाते हैं। नदियाँ शुरू में तो स्वादिष्ट पानी उत्पन्न करती  हैं, परन्तु समुद्र को मिलकर वे नदियाँ पीने के लिए योग्य नहीं रह जाती हैं||1||   साहित्य संगीत तथा कला से विहीन व्यक्ति बगैर पूंछ … Read more

दुर्बुद्धि नष्ट हो जाता है।

मगर प्रदेश में फुल्लोत्पल नाम का सरोवर था। वहाँ संकट और विकेट नाम के दो हंस रहते थे।कम्बुग्रीव नाम का उन दोनों का एक मित्र कछुआ भी वही रहता था। इसके बाद एक बार मछुआरे वहाँ आए। वे कहने लगे- “कल हम मछलियों और कछुओं को मारेंगे।” यह सुनकर कछुआ बोला- “ हे दो मित्रों … Read more

अभ्यास पाठ-8

प्र० 1 शुद्धकथनस्य समक्षम् ‘आम्’ अशुद्धकथनस्य समक्षं ‘न’ इति लिखत-  (क) अस्माकं राष्ट्रस्य ध्वजे त्रयः वर्णाः सन्ति।   (ख) ध्वजे हरितवर्णः शान्तेः प्रतीकः अस्ति।   (ग) ध्वजे केशरवर्णः शक्त्याः सूचकः अस्ति।   (घ) चक्रे त्रिंशत् अराः सन्ति   (ङ) चक्रं प्रगतेः द्योतकम्।   उत्तर- (क) अस्माकं राष्ट्रस्य ध्वजे त्रयः वर्णाः सन्ति। आम् (ख) ध्वजे हरितवर्णः … Read more