Class 7 Sanskrit Chapter 13 अमृतं संस्कृतम्

संसार की सभी उपलब्ध भाषाओं में संस्कृत भाषा सबसे अधिक प्राचीन है। यह भाषा अनेक भाषाओं की माता मानी गई है। प्राचीन ज्ञान विज्ञान का खज़ाना इसमें सुरक्षित है। संस्कृत के महत्त्व के विषय में किसी के द्वारा कहा गया है- भारत की दो प्रतिष्ठाएँ हैं- संस्कृत और (देश की) संस्कृति। यह भाषा बहुत वैज्ञानिकी … Read more

Class 7 Sanskrit Chapter 12 विद्याधनम्

(क) न चौरहार्यं न च राजहार्य न भ्रातभाज्यं न च भारकारि। व्यये कृते वर्धत एव नित्यं विद्याधनं सर्वधनप्रधानम्॥1॥ न चोरों के द्वारा चुराने योग्य है और न राजा के द्वारा छीनने योग्य है, न भाइयों के द्वारा बाँटने योग्य है और न भार (बोझ) बढ़ाने वाला है। हमेशा खर्च करने पर बढ़ता ही है। विद्या … Read more

Class 7 Sanskrit Chapter 11 समवायो हि दुर्जयः

प्राचीन काल में एक पेड़ पर एक चिड़िया रहती थी। समय से उसके बच्चे हुए। एक बार किसी मतवाले हाथी ने उस पेड़ के नीचे आकर उसकी शाखा को तोड़ डाला। चिड़िया का घोंसला भूमि पर गिर गया। उससे अण्डे नष्ट हो गए। अब वह चिड़िया रोने लगी। उसका रोना सुनकर काष्ठकूट नामक पक्षी ने … Read more

Class 7 Sanskrit Chapter 10 विश्वबंधुत्वम्

पर्व (त्योहार) में, संकट के समय में, अकाल पड़ने पर, देश पर विपत्ति आने पर और दैनिक व्यवहार में जो सहायता करता है, वह भाई होता है। यदि संसार में सब स्थानों पर ऐसी भावना हो, तब संसार में भाईचारा सम्भव होता है परन्तु अब सारे विश्व में लड़ाई और अशान्ति का वातावरण है। मनुष्य … Read more

Class 7 Sanskrit Chapter 9 अहमपि विद्यालयं गमिष्यामि

  मालिनी – (पड़ोसिनी से) हे गिरिजा! मेरा पुत्र मामा के घर गया है, किसी दूसरी महिला (औरत) को काम के लिए जानती हो तो भेजो।। गिरिजा – हाँ सखी! आज सुबह ही मेरी नौकरानी (सहायिका) अपनी बेटी के लिए काम हेतु पूछ रही थी। कल सुबह ही उसके साथ बात करूँगी। (अगले दिन सुबह … Read more

Class 7 Sanskrit Chapter 8 त्रिवर्णः ध्वजः

(कुछ बालक और कुछ बालिकाएँ स्वतन्त्रता दिवस के ध्वजारोहण समारोह में उत्साहपूर्वक जाते हुए आपस में वार्तालाप कर रहे हैं।) देवेश-आज स्वतन्त्रता दिवस है। हमारे विद्यालय के प्रधानाचार्य ध्वजारोहण करेंगे (झंडा फहराएँगे) और विद्यार्थी सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रस्तुत करेंगे और अन्त में लड्डू मिलेंगे। डेविड-शुचि! क्या तुम जानती हो? हमारा झण्डा कैसा है? शुचि-हमारे देश … Read more

Class 7 Sanskrit Chapter 7 सड.कल्पः सिद्धिदायकः

पार्वती शिव को पति के रूप में चाहती थी। इसके लिए वह तपस्या करना चाहती थी। उसने अपनी इच्छा माँ को बताई। यह सुनकर माँ मेना चिन्ता से व्याकुल हो गईं। मेना- बेटी! इष्ट देवता तो घर में ही होते हैं। तप कठिन होता है। तुम्हारा शरीर कोमल है। घर पर ही रहो। यहीं तुम्हारी … Read more

Class 7 Chapter-6 सदाचार

(क) आलस्यं हि मनुष्याणां शरीरस्थो महान् रिपूः। नास्त्युद्यमसमो बन्धुः कृत्वा यं नावसीदति॥ सरलार्थ : निश्चय से आलस्य मनुष्यों के शरीर में रहने वाला सबसे बड़ा दुश्मन (शत्रु) है। प्रयत्न (परिश्रम) के साथ उसका (मनुष्य का) कोई मित्र नहीं है जिसे करके वह दु:खी नहीं होता है। (ख) श्वः कार्यमद्य कुर्वीत पूर्वाह्ने चापराह्निकम्। नहि प्रतीक्षते मृत्युः … Read more

Class 7 Chapter 5 पंडिता रमाबाई

  स्त्री शिक्षा के क्षेत्र में अग्रगण्या पण्डिता रमाबाई ने 1858 ई० में जन्म लिया। उनके पिता अनन्त शास्त्री डोंगरे और माता लक्ष्मीबाई थीं। उस समय में स्त्रियों की शिक्षा की दशा शोचनीय थी। स्त्रियों के लिए संस्कृत शिक्षा लगभग अप्रचलित थी। परन्तु डोंगरे ने रूढ़ियों से बँधी हुई धारणा को छोड़कर अपनी पत्नी को … Read more

Class 7 Chapter-4 हास्यबालकवि सम्मेलन

(विभिन्न वेशभूषा वाले चार बालकवि मञ्च के ऊपर बैठे हुए हैं। नीचे श्रोता हास्य कविता सुनने के लिए उत्सुक हैं और शोर मचा रहे हैं।) सञ्चालक-शोर करने से बस करो (शोर मत करो)। आज बहुत प्रसन्नता का अवसर है कि इस कवि सम्मेलन में काव्यहन्ता (काव्य को नष्ट करनेवाले) और कालयापक (समय बर्बाद करनेवाले) भारत … Read more