Class 7 Chapter-2 Sanskrit स्वावलंबन

  कृष्णमूर्ति और श्रीकण्ठ दो मित्र थे। श्रीकण्ठ के पिता धनवान् थे। इसलिए उसके घर में सब प्रकार के सुख-साधन थे। उस बड़े घर में चालीस खम्भे थे। उसके अठारह कमरों में पचास खिड़कियाँ और चवालीस दरवाज़े और छत्तीस पंखे थे। वहाँ दस नौकर हमेशा (लगातार) काम करते रहते थे परन्तु कृष्णमूर्ति के माता और … Read more

Class 7 Chapter-1 Sanskrit सुभाषितानि

1। क) पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि जलमन्नं सुभाषितम्। मूढः पाषाणखण्डेषु रत्नसंज्ञा विधीयते॥1॥ शब्दार्थाः (Word Meanings) : पृथिव्यां-धरती पर (on earth) सुभाषितम्-सुन्दर वचन (good sayings) मू?:-मूों के द्वारा (by the fools) पाषाणखण्डेषु-पत्थर के टुकड़ों में (in stones) रत्नसंज्ञा-रत्न का नाम (names of precious stones) विधीयते-किया जाता है/दिया जाता है (is given). सरलार्थ : पृथ्वी पर जल, अन्न … Read more

दुर्बुद्धि नष्ट हो जाता है।

मगर प्रदेश में फुल्लोत्पल नाम का सरोवर था। वहाँ संकट और विकेट नाम के दो हंस रहते थे।कम्बुग्रीव नाम का उन दोनों का एक मित्र कछुआ भी वही रहता था। इसके बाद एक बार मछुआरे वहाँ आए। वे कहने लगे- “कल हम मछलियों और कछुओं को मारेंगे।” यह सुनकर कछुआ बोला- “ हे दो मित्रों … Read more

अभ्यास पाठ-8

प्र० 1 शुद्धकथनस्य समक्षम् ‘आम्’ अशुद्धकथनस्य समक्षं ‘न’ इति लिखत-  (क) अस्माकं राष्ट्रस्य ध्वजे त्रयः वर्णाः सन्ति।   (ख) ध्वजे हरितवर्णः शान्तेः प्रतीकः अस्ति।   (ग) ध्वजे केशरवर्णः शक्त्याः सूचकः अस्ति।   (घ) चक्रे त्रिंशत् अराः सन्ति   (ङ) चक्रं प्रगतेः द्योतकम्।   उत्तर- (क) अस्माकं राष्ट्रस्य ध्वजे त्रयः वर्णाः सन्ति। आम् (ख) ध्वजे हरितवर्णः … Read more

अभ्यास पाठ-7

प्र० 1 उच्चारणं कुरुत- अभवत् अकथयत् अगच्छत् न्यवेदयत् अपूजयत् स्वपिति तपति प्राविशत् अवदत् वदति स्म वसति स्म रक्षति स्म वदति चरति स्म करोति स्म गच्छति स्म अकरोत् पठति स्म उत्तर-विद्यार्थी इसका उच्चारण स्वयं करें। प्र० 2 उदाहरणम् अनुसृत्य रिक्तस्थानानि पूरयत-      (क)   एकवचनम् द्विवचनम् बहुवचनम् यथा- वसति स्म वसतः स्म वसन्ति स्म पूजयति स्म ……………. …………… … Read more

अभ्यास पाठ-6

प्र०1 सर्वान् श्लोकान् सस्वरं गायत। उत्तर- विद्यार्थी इन श्लोकों को स्वयं गाएँ। प्र० 2 उपयुक्तथनानां समक्षम् ‘आम्’ अनुपयुक्तकथनानां समक्षं ‘न’ इति लिखत (क) प्रातः काले ईश्वरं स्मरेत्।   (ख) अनृतं ब्रूयात।   (ग) मनसा श्रेष्ठजनं सेवेत।   (घ) मित्रेण कलहं कृत्वा जनः सुखी भवति।   (ङ) श्वः कार्यम् अद्य कुर्वीत।   उत्तर- (क) प्रातः काले … Read more

अभ्यास

प्र०2 यथायोग्यं श्लोकांशान्‌ मेलयत- क ख धनधान्यप्रयोगेषु नासद्भिः किञ्चिदाचरेत्। विस्मयो न हि कर्त्तव्यः त्यक्तलज्जः सुखी भवेत्। सत्येन धार्यते पृथ्वी बहुरत्ना वसुन्धरा। सद्भिर्विवादं मैत्रीं च विद्यायाः संग्रहेषु च। आहारे व्यवहारे च सत्येन तपते रविः। उत्तर- क ख धनधान्यप्रयोगेषु विद्यायाः संग्रहेषु च। विस्मयो न हि कर्त्तव्यः बहुरत्ना वसुन्धरा। सत्येन धार्यते पृथ्वी सत्येन तपते रविः। सद्भिर्विवादं मैत्रीं च … Read more

CBSE Class 7 Sanskrit Syllabus 2022-23

 सुभाषितानि                      PDF                हिंदी अनुवाद                           अभ्यास    दुर्बुद्धिः विनश्यति            PDF                 हिंदी अनुवाद            … Read more