अभ्यास पाठ-3

प्र०1 उच्चारणं कुरुत। विंशतिः त्रिंशत् चत्वारिंशत् द्वाविंशतिः द्वात्रिंशत् द्विचत्वारिंशत् चतुर्विंशतिः त्रयस्त्रिंशत् त्रयश्चत्वारिंशत् पञ्चविंशतिः चतुस्त्रिंशत् चतुश्चत्वारिंश्त अष्टाविंशतिः अष्टात्रिंशत् सप्तचत्वारिंशत् नवविंशतिः नवत्रिंशत् पञ्चाशत् उत्तर-विद्यार्थी इसका उच्चारण स्वयं करें।Page No 14: प्र० 2 अधोलिखितानां प्रश्नानामुत्तराणि लिखत- (क) कस्य भवने सर्वविधानि सुखसाधनानि आसन्? (ख) कस्य गृहे कोऽपि भृत्यः नास्ति? (ग) श्रीकण्ठस्य आतिथ्यम् के अकुर्वन्? (घ) सर्वदा कुत्र सुखम्? (ङ) … Read more

अभ्यास पाठ-2

प्र०1 उच्चारणं कुरुत।  फुल्लोत्पलम् अवलम्ब्य पक्त्वा कम्बुग्रीवः आवाभ्याम् भक्षयिष्यामि उक्तवान् ह्रदम् सुहृदाम् भवद्भ्याम् उड्डीयते भ्रष्टः उत्तर- विद्यार्थी इसका उच्चारण करें | प्र० 2 एकपदेन उत्तरत- (क) कूर्मस्य किं नाम आसीत्? (ख) सरस्तीरे के आगच्छन्? (ग) कूर्मः केन मार्गेण अन्यत्र गन्तुम् इच्छति? (घ) लम्बमानं कूर्मं दृष्ट्वा के अधावन्? उत्तर- (क) कूर्मस्य कम्बुग्रीवः नाम आसीत् (ख) सरस्तीरे … Read more

अभ्यास

प्र०2 यथायोग्यं श्लोकांशान्‌ मेलयत- क ख धनधान्यप्रयोगेषु नासद्भिः किञ्चिदाचरेत्। विस्मयो न हि कर्त्तव्यः त्यक्तलज्जः सुखी भवेत्। सत्येन धार्यते पृथ्वी बहुरत्ना वसुन्धरा। सद्भिर्विवादं मैत्रीं च विद्यायाः संग्रहेषु च। आहारे व्यवहारे च सत्येन तपते रविः। उत्तर- क ख धनधान्यप्रयोगेषु विद्यायाः संग्रहेषु च। विस्मयो न हि कर्त्तव्यः बहुरत्ना वसुन्धरा। सत्येन धार्यते पृथ्वी सत्येन तपते रविः। सद्भिर्विवादं मैत्रीं च … Read more

CBSE Class 7 Sanskrit Syllabus 2022-23

 सुभाषितानि                      PDF                हिंदी अनुवाद                           अभ्यास    दुर्बुद्धिः विनश्यति            PDF                 हिंदी अनुवाद            … Read more

चन्दा मामा

हे चंदा मामा ! तुम कहाँ से आते हो? हे चंदा मामा ! तुम कहाँ जाओगे ? अत्यधिक फैला हुआ नीला आकाश है, जिसमें कहीं भी खाली जगह दिखाई नहीं दे रही है। हे चंदा मामा ! तुम कैसे जाओगे ? हे चंदा मामा ! तुम कहाँ से आते हो? अरे! तुम मेरे घर क्यों … Read more

अहह और आः

अजीज सरल और परिश्रमी था।वह स्वामी की सेवा में ही लगा रहता था।एक बार उसने घर जाने के लिए अवकाश मांगा। स्वामी चालाक था | उसने सोचा- “अजीज की तरह कोई भी दूसरा कार्यकुशल नहीं है।यह अवकाश का भी वेतन ग्रहण करेगा।”यह सोचकर स्वामी ने कहा- “मैं तुम्हें अवकाश और वेतन का सारा धन दे … Read more

विमान बनाएँ

राघव ! माधव ! सीता ! ललिता! आओ विमान बनाएँ | नीले, विशाल, निर्मल गगन में वायु की सैर करें। उन्नत वृक्षों भवनों को पार करके निश्चय ही आकाश में जाये। हिम युक्त सोपान (सीढ़ी) से चंद्रलोक में प्रवेश करें। शुक्र, चंद्रमा, सूर्य, गुरु आदि सभी ग्रहों की गणना करें। विभिन्न प्रकार के सुंदर तारों … Read more

दसवें तुम हो

एक बार दस बालक स्नान करने के लिये नदी पर गए ।उन्होंने देर तक नदी के जल में स्नान किया।उसके बाद वे सब तैर कर पार चले गए। तब उनके नायक ने पूछा-क्या सभी बालकों ने नदी पार कर ली है? तब किसी बालक ने गिना-एक , दो, तीन, चार, पाँच, छह, सात, आठ, नौ … Read more

पुष्पों का उत्सव

भारत उत्सव प्रिय देश है।यहाँ कही फसलों का उत्सव होता है, कहीं पशुओं का उत्सव होता है, कहीं धार्मिक उत्सव होता है और कहीं वाहनों का उत्सव होता है।इनमें से ही है।इनमें से ही एक फूलों का उत्सव है।यह “फूल वालों की सैर” इस नाम से प्रसिद्ध है। दिल्ली के महरौली क्षेत्र में अक्टूबर महीने … Read more

कर्मवीर किसान

चाहे सूर्य तपाए अथवा बादल अत्यधिक जल बरसाए। महिला व पुरुष किसान शीतकाल में भी नित्य क्रियाशील रहते हैं | चाहे गर्मी में शरीर पसीने से तरबतर हो या सर्दी में कम्पायमान | वे दोनों हल और कुदाल से खेत को जोतते हैं। चाहे पैरों में जूते ना हों , शरीर पर कपड़े न हों … Read more