Class 8 Sanskrit Chapter 7 भारतजनताऽहम्
(क) अभिमानधना विनयोपेता, शालीना भारतजनताऽहम्। कुलिशादपि कठिना कुसुमादपि, सुकुमारा भारतजनताऽहम् ॥ अन्वयः- अहं भारतजनता अभिमानधना विनयोपेता शालीना कुलिशादपि कठोरा कुसुमादपि सुकुमारा (अस्मि)। शब्दार्थ- अभिमानधना-स्वाभिमान रूपी धन वाली। विनयोपेता-विनम्रता से परिपूर्ण। कुलिशादपि-वज्र से भी। कुसुमादपि-फूल से भी। सुकुमारा-अत्यधिक कोमल। सरलार्थ- मैं भारत की जनता हूँ।मैं स्वाभिमान रूपी धन वाली हूँ। मैं वज्र से भी कठोर हूँ। … Read more