1. अपभ्रंश (अवहट्ट सहित) और पुरानी हिन्दी का संबंध
प्रस्तावना प्रत्येक भाषा के दो रूप होते हैं। एक है उसका बोलचाल का रूप और दूसरा है उसका मानक साहित्यिक रूप। प्राचीन भारतीय भाषा के दो रूप थे। बोलचाल के तौर पर वह ‘लौकिक संस्कृत’ कहलाती थी और उसका साहित्यिक रूप “वैदिक संस्कृत’ कहलाता था। वैदिक संस्कृत के रूढ़, जड़ और लौकिक संस्कृत से कट … Read more