साहित्यिक हिन्दी के रूप में खड़ी बोली का उदय और विकास

खड़ी बोली गद्य के आरम्भिक रचनाकारों में फ़ोर्ट विलियम कॉलेज के बाहर दो रचनाकारों— सदासुख लाल ‘नियाज’ (सुखसागर) व इंशा अल्ला ख़ाँ (रानी केतकी की कहानी) तथा फ़ोर्ट विलियम कॉलेज, कलकत्ता के दो भाषा मुंशियों— लल्लू लालजी (प्रेम सागर) व सदल मिश्र (नासिकेतोपाख्यान) के नाम उल्लेखनीय हैं। भारतेन्दु पूर्व युग में मुख्य संघर्ष हिंदी की […]

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काव्य भाषा के रूप में ब्रजभाषा का उदय और विकास

“ब्रजभाषा” को अंतर्वेदी के नाम से भी जाना जाता है। पश्चिमी हिन्दी की सर्वाधिक प्रमुख बोली “ब्रजभाषा” है जो इसलिए इतनी महत्त्वपूर्ण हो गई, क्योंकि इसका प्रयोग 600 वर्षों तक साहित्य में होता रहा। यही कारण है कि यह बोली के सीमित क्षेत्र को छोङकर भाषा कही जाने लगी। ब्रज शब्द संस्कृत के ब्रज शब्द

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26 दिसंबर 2022

  *♨️मुख्य समाचार* *◼️प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा – वर्ष 2022 के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में सफलताओं ने विश्व में भारत को विशेष स्थान दिलाया* *◼️राष्ट्र ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती, सुशासन दिवस पर, श्रद्धांजलि अर्पित की* *◼️कोविड की आपात तैयारियों के अन्तर्गत मंगलवार को देश भर में स्वास्थ्य केन्द्रों में मॉक

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DALIT KAVI & KAVITA

रैदास जन्मना दलित है, इसलिए उन्हें पहला दलित कवि कहना तर्क सम्मत इतिहास-सम्मत है।दलित लेखन की शुरूआत 1960 के आसपास मराठी भाषा से होती है।कुछ विद्वान 1914 में ’सरस्वती’ पत्रिका में हीरोडम द्वारा लिखित ’अछूत की शिकायत’ को पहली दलित कविता मानते हैं। कुछ अन्य विद्वान अछूतानन्द को पहला दलित कवि कहते हैं, उनकी कविताएँ 1910

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अरस्तू का विरेचन सिद्धान्त-काव्यशास्त्र

प्लेटो ने काव्य पर आरोप लगाया था कि काव्य हमारी वासनाओं का दमन करने के स्थान पर उनका पोषणकरता है। अरस्तू का मत इससे भिन्न है। वे यह तो मानते हैं कि काव्य मानवीय वासनाओं का दमन नहीं करता, पोषण ही करता है, पर वे यह स्वीकार नहीं करते कि वह अनैतिक भावनाओं को उभारता

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टी. एस. ईलियट के काव्य सिद्धान्त-काव्यशास्त्र

आधुनिक काल के पाश्चात्य समीक्षकों में टी. एस. ईलियट (1888-1965 ई. ) का नाम अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उनका जन्म सेन्ट लुई (अमेरिका) में हुआ, किन्तु शिक्षा पेरिस और लन्दन में हुई। बाद में वे लन्दन में बस गए। वे बीसवीं शती के महान कवियों में गिने जाते है। न्हें 1948 ई. में साहित्य का नोबल

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Ugc Net Hindi 2019

1. ’बालि को सपूत कपिकुल पुरहूत, रघुवीर जू को दूत भरि रूप विकराल को।’ उपर्युक्त काव्य-पंक्तियाँ किस रचनाकार की हैं ? (अ) केशवदास (ब) तुलसीदास (स) सेनापति✔️ (द) मतिराम 2. लाला श्रीनिवासदास ने निम्नलिखित में से किन-किन विधाओं में लिखा है ? (क) नाटक (ख) उपन्यास (ग) कविता (घ) आलोचना निम्नलिखित में से सही विकल्प

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UGC Net Hindi 2020 (II)

1. रामचंद्र शुक्ल के अनुसार निम्नलिखित में से किस ग्रंथ में कयामत का वर्णन है- (अ) अखरावट (ब) पद्मावत (स) आखिरी कलाम✔ (द) मधुमालती 2. ’अंधायुग’ के निम्नलिखित पात्रों को उनकी प्रमुख चारित्रिक विशेषताओं के साथ सुमेलित कीजिए- सूची-। सूची-।। (क) युयुत्सु 1. पाशविक प्रतिहिंसक (ख) अश्वत्थामा 2. संशयग्रस्त (ग) संजय 3. सत्याग्रही (घ) विदुर

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UGC Net Hindi November 2020

1. हिंदी की लोकनाट्यशैलियों को प्रदेशों के साथ सुमेलित कीजिए। सूची – ।         सूची -।। क. सांग         1. उत्तरप्रदेश ख. नौटंकी      2. मालवा (मध्यप्रदेश) ग. माच          3. छत्तीसगढ़ घ. नाचा         4. हरियाणा नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर

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UGC NET Hindi Paper 2022

1. द्वैतवादी वैष्णव संप्रदाय के प्रवर्तक है – (अ) रामानुजाचार्य (ब) मध्वाचार्य ✔ (स) वल्लभाचार्य (द) रामानंद 2. राम-रावण के युद्ध को रूपायित करने के लिए निराला ने – (अ) संस्कृत की सरल पद मैत्री का प्रयोग किया है। (ब) अधिकतर द्वित्व वर्णों का प्रयोग किया है। (स) संस्कृत-पद मैत्री, नाद-योजना और अनुप्रास-विधान पर विशेष

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