अमृतलाल नागर

जन्म अमृतलाल नागर जी का जन्म 17 अगस्त 1916 ई को गोकुलपुरा, आगरा में एक गुजराती ब्राह्मण परिवार में हुआ। आपके पिता का नाम राजाराम नागर था तथा उनकी माता  का नाम विद्यावती नागर था। आपके पितामह पं. शिवराम नागर 1895 से लखनऊ आकर बस गए थे। आपकी पढ़ाई हाईस्कूल तक ही हुई। उन्होंने 31 जनवरी … Read more

पद्माकर (Padmaakar)

जन्मकाल 1753 से 1833 ई० | कवियों में पद्माकर का नाम आदर से लिया जाता है। बिहारी के बाद ये रीतिकाल के सर्वाधिक लोकप्रिय कवि हैं। इनकी जैसी लोकप्रियता बहुत कम कवियों को प्राप्त होती है। पद्माकर के एक महान विद्वान एवं कवि थे। पद्माकर का जन्म बांदा में 1753 ई० में हुआ और 80 … Read more

घनानन्द (Ghananand)

घनानन्द रीतिमुक्त गांव के सर्वश्रेष्ठ कवि हैं। रीतिमुक्त धारा के शृंगारी कवि है।इनका जन्म 1689 ई० में और मृत्यु नादिरशाह के आक्रमण के समय 1739 ई० में हुई।ये दिल्ली के बादशाह मोहम्मदशाह के यहाँ मीर मुंशी थे और जाति के कायस्थ थे। ये सुजान नामक वेश्या से प्रेम करते थे। एक दिन दरबार के कुचक्रियों … Read more

बिहारी लाल (BIHARI LAL)

नाम कविवर बिहारी पिता का नाम केशव राय जन्म  सन् 1603 ईसवी जन्म-स्थान बसुआ-गोविंदपुर (ग्वालियर) भाषा-शैली भाषा – प्रौढ़ प्रांजल, परिष्कृत एवं परिमार्जित ब्रज प्रमुख रचनाएं बिहारी सतसई निधन सन् 1663 ई० साहित्य में स्थान अपनी काव्यगत (भावपक्ष व कलापक्ष) विशेषताओं के कारण हिंदी साहित्य में बिहारी का अद्वितीय स्थान है। जन्मकाल 1603 से 1663 … Read more

भूषण

  जीवन परिचय भूषण वीर रस के कवि थे। हिन्दी रीति काल के अन्तर्गत, उसकी परम्परा का अनुसरण करते हुए वीर-काव्य तथा वीर-रस की रचना करने वाले प्रसिद्ध कवि हैं। इन्होंने शिवराज-भूषण में अपना परचिय देते हुए लिखा है कि ये कान्यकुब्ज ब्राह्मण थे। इनका गोत्र कश्यप था। ये ‘रत्नाकर त्रिपाठी’ के पुत्र थे तथा … Read more

मतिराम

मतिराम रीति काल के मुख्य कवियों में से एक थे। वे चिंतामणि तथा भूषण के भाई परंपरा से प्रसिद्ध थे। मतिराम की रचना की सबसे बड़ी विशेषता है, उसकी सरलता और अत्यंत स्वाभाविकता। उसमें ना तो भावों की कृत्रिमता है और ना ही भाषा की। भाषा शब्दाडंबर से सर्वथा मुक्त है। भाषा के ही समान … Read more