नाथ साहित्य (Nath Sahitya)
इसका जन्म भी बौद्ध धर्म की वज्रयान शाखा से ही हुआ था | सिद्ध साहित्य में आई विकृतियों के फलस्वरूप नाथ साहित्य का जन्म हुआ था | नाथों ने योग साधना को एक स्वच्छ रूप में धारण किया और सामाजिक असमानता, व्यभिचार को ख़त्म करने का प्रयास किया |इस सम्प्रदाय को सुव्यवस्थित रूप देने का […]
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