PK Rosy

अभी तक आपने कई फिल्मी सितारों की अनसुनी दास्तानें पढ़ीं। आज हम आपको एक ऐसी नायिका की कहानी सुनाते हैं, जिसके लिए हीरोइन बनना अपनी जिंदगी को जीते-जी नर्क बनाना साबित हुआ। पहली फिल्म के पहले ही शो के बाद लोग उसकी जान लेने पर आमादा हो गए, थिएटर जला दिए गए। उसे अपनी बाकी … Read more

चित्र कहानी लेखन ( Picture Story Writing)

कहानी लेखन एक ऐसी विधा है जो हिंदी तथा अंग्रेजी साहित्य को एक अलग पैमाने पर खड़ा करती है। कहानी पढ़ना और सुनना जितना आसान होता है, कहानी लिखना उतना ही कठिन होता है, क्योंकि कहानी एक काल्पनिक घटना होती है, जिसे वास्तविक घटना में परिवर्तित करना होता है, तथा परिवर्तन के समय सभी प्रकार … Read more

अनुच्छेद-लेखन (Paragraph Writing)

‘अनुच्छेद’ शब्द अंग्रेजी भाषा के ‘Paragraph’ शब्द का हिंदी पर्याय है। अनुच्छेद ‘निबंध’ का संक्षिप्त रूप होता है। इसमें किसी विषय के किसी एक पक्ष पर सीमित शब्दों में अपने विचार व्यक्त किए जाते हैं।अनुच्छेद में हर वाक्य मूल विषय से जुड़ा रहता है। अनावश्यक विस्तार के लिए उसमें कोई स्थान नहीं होता। अनुच्छेद में … Read more

संवाद लेखन

परिभाषा संवाद – ‘वाद’ मूल शब्द में ‘सम्’ उपसर्ग लगाने से ‘संवाद’ शब्द बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ ‘बातचीत’ है। इसे वार्तालाप भी कहा जाता है। सामान्य रूप से दो लोगों के बीच होने वाली बातचीत को संवाद कहा जाता है। दो लोगों में हुई बातचीत को लिखना संवाद-लेखन कहलाता है। संवाद की विशेषता-संवाद में … Read more

आषाढ़ का एक दिन

मुख्य बिंदु  आषाढ़ का एक दिन नाटक 1958 में प्रकाशित हुआ था। मोहन राकेश की यह प्रथम और सर्वाधिक महत्वपूर्ण नाटक है। सन् 1959 में इस नाटक को सर्वश्रेष्ठ नाटक होने का संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार मिला था। 1971 में ‘मणिकौल’ के निर्देशन में इसपर ‘अषाढ़ का एक दिन’ फिल्म भी बनी जिसे सर्वश्रेष्ठ फिल्म … Read more

आषाढ़ का एक दिन-मोहन राकेश (पूरा नाटक)

पात्र परिचय अंबिका : ग्राम की एक वृद्धा मल्लिका : वृद्धा की पुत्री कालिदास : कवि दंतुल : राजपुरुष मातुल : कवि मातुल निक्षेप : ग्राम-पुरुष विलोम : ग्राम-पुरुष रंगिणी : नागरी संगिनी : नागरी अनुस्वार : अधिकारी अनुनासिक: अधिकारी प्रियंगुमंजरी: राज कन्या — कवि-पत्नी आषाढ़ का एक दिन-अंक 1 परदा उठने से पूर्व हलका-हलका … Read more

आधे-अधूरे नाटक (मोहन राकेश) का समीक्षात्मक अध्ययन

नाटक का विषय मध्यवार्गीय जीवन की विडंबनाओं का चित्रण पारिवारिक विघटन का चित्रण स्त्री-पुरुष सम्बन्ध का चित्रण नारी की त्रासदी का चित्रण वैवाहिक संबंधों की विडंबना मुख्य बिंदु ‘आधे-अधूरे’ नाटक 1969 में प्रकाशित हुआ था। आधे-अधूरे नाटक का पहली बार ‘ओमशिवपुरी’ के निर्देशन में दिशांतर द्वारा दिल्ली में फरवरी 1969 में मंचन हुआ था। यह … Read more

मोहन राकेश

मोहन राकेश का जन्म 8 जनवरी 1925 को अमृतसर, पंजाब में हुआ था। इनका मूल नाम मदन मोहन उगलानी उर्फ़ मदन मोहन था। इनके पिता वकील होने के साथ-साथ साहित्य और संगीत प्रेमी भी थे। पिता के साहित्य में रूचि का प्रभाव मोहन राकेश पर भी पड़ा। पंजाब विश्वविधालय से उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी में … Read more

आधे अधूरे -मोहन राकेश(पूरा नाटक)

का.सू.वा. (काले सूटवाला आदमी) जो कि पुरुष एक, पुरुष दो, पुरुष तीन तथा पुरुष चार की भूमिकाओं में भी है। उम्र लगभग उनचास-पचास। चेहरे की शिष्टता में एक व्यंग्य। पुरुष एक के रूप में वेशान्तर : पतलून-कमीज। जिंदगी से अपनी लड़ाई हार चुकने की छटपटाहट लिए। पुरुष दो के रूप में : पतलून और बंद … Read more

अमीर खुसरो की पहेलियाँ और मुकरियाँ (UGC NET इकाई-5)

अमीर खुसरो प्रथम मुस्लिम कवि थे जिन्होंने हिन्दी शब्दों का खुलकर प्रयोग किया है। वे  पहले व्यक्ति थे जिन्होंने हिंदी, हिन्दवी और फारसी में एक साथ लिखा।उन्हे खड़ी बोली के आविष्कार का श्रेय दिया जाता है। वे अपनी पहेलियों और मुकरियों के लिए जाने जाते हैं। सबसे पहले खुसरो ने अपनी भाषा के लिए ‘हिन्दवी’ का उल्लेख … Read more