पाठ 16 भोर और बरखा

प्रश्न 1.‘बंसीवारे ललना’ ‘मोरे प्यारे लाल जी’ कहते हुए, यशोदा किसे जगाने का प्रयास करती हैं और कौन-कौन-सी बातें कहती हैं?
उत्तर-‘
बंसीवारे ललना’ ‘मोरे प्यारे’ व ‘लाल जी’ कहते हुए यशोदा श्रीकृष्ण को जगाने का प्रयास कर रही हैं। वह उनसे कहती हैं कि मेरे लाल जागो, रात बीत गई है, सुबह हो गई है। सबके घरों के दरवाजे खुल गए हैं। गोपियाँ दही बिलो रही हैं। और तुम्हारे खाने के लिए मनभावन मक्खन निकाल रही हैं। तुम्हें जगाने के लिए सभी देव और मानव खड़े हैं जो तुम्हारे दर्शनों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। तुम्हारे सखा, ग्वाल-बाल तुम्हारी जय-जयकार कर रहे हैं। अतः तुम अब उठ जाओ।

प्रश्न 2.नीचे दी गई पंक्ति का आशय अपने शब्दों में लिखिए- ‘माखन-रोटी हाथ मँह लिनी, गउवन के रखवारे।
उत्तर-गायों की रखवाली करने वाले तुम्हारे मित्र ग्वालवालों ने रोटी और मक्खन लिया हुआ है। वे तुम्हारी प्रतीक्षा कर रहे हैं। हे कृष्ण उठो और जाओ।

प्रश्न 3.पढ़े हुए पद के आधार पर ब्रज की भोर का वर्णन कीजिए।
उत्तर-ब्रज में भोर होते ही ग्वालनें घर-घर में दही बिलौने लगती हैं, उनकी चूड़ियों की मधुर झंकार वातावरण में गूंजने लगती है, घर-घर में मंगलाचार होता है, ग्वाल-बाल गौओं को चराने के लिए वन में जाने की तैयारी करते हैं।

प्रश्न 4.मीरा को सावन मनभावन क्यों लगने लगा?
उत्तर-मीरा को सावन मनभावन इसलिए लगने लगा, क्योंकि सावन की फुहारें में मन में उमंग जगाने लगती हैं तथा श्रीकृष्ण के आने का आभास हो गया।

प्रश्न 5.पाठ के आधार पर सावन की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर-सावन के आते ही बादल चारों दिशाओं में उमड़-घुमड़कर विचरण करने लगते हैं। बिजली चमकने लगती है, वर्षा की नन्हीं-नन्हीं बूंदे बरसती हैं। शीतल हवाएँ बहने लगती हैं और मौसम सुहावने लगने लगते हैं।

भाषा की बात

प्रश्न 1.कृष्ण को ‘गउवन के रखवारे’ कहा गया जिसका अर्थ है गौओं का पालन करनेवाले। इसके लिए एक शब्द दें
उत्तर-गोपाल या गोपालक।

प्रश्न 2.नीचे दो पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें से पहली पंक्ति में रेखांकित शब्द दो बार आए हैं, और दूसरी पंक्ति में भी दो बार। इन्हें पुनरुक्ति (पुनः उक्ति) कहते हैं। पहली पंक्ति में रेखांकित शब्द विशेषण हैं और दूसरी पंक्ति में संज्ञा।
‘नन्हीं-नन्हीं बूंदन मेहा बरसे’              ‘घर-घर खुले किंवारे’
इस प्रकार के दो-दो उदाहरण खोजकर वाक्य में प्रयोग कीजिए और देखिए कि विशेषण तथा संज्ञा की पुनरुक्ति के अर्थ में क्या अंतर है?
जैसे–मीठी-मीठी बातें,           फूल-फूल महके।
उत्तर
विशेषण पुनरुक्ति
गरम-गरम        –   माँ ने गरम-गरम पकौड़े बनाए।
तरह-तरह        –    बगीचे में तरह-तरह के फूल खिले थे।
सुंदर-सुंदर       –    रमा ने सुंदर-सुंदर साड़ियों का चुनाव कर लिया।
मीठे-मीठे         –    शबरी ने मीठे-मीठे बेर राम को खिलाए।
संज्ञा पुनरुक्ति
गली-गली        –   नेताओं ने गली-गली में प्रचार शुरू कर दिया।
गाँव-गाँव         –   सरकार ने गाँव-गाँव में कुएँ खुदवाने का प्रस्ताव जारी किया।
बच्चा-बच्चा      –   मुहल्ले का बच्चा-बच्चा यह बात जान गया कि मंदिर में चोरी पुजारी ने की है।
वन-वन           –   राम, लक्ष्मण और सीता वनवास के समय वन-वन भटकते रहे।

Leave a Comment