सभ्यता का रहस्य
यह कहानी प्रेमचंद जी द्वारा मार्च 1925 में माधुरी पत्रिका में प्रकाशित हुई | यह कहानी सामजिक पृष्ठ भूमि पर आधारित है | इसमें लेखक अमीर-गरीब और नौकर मालिक के सम्बन्ध वर्णित करता है | यह कहानी वर्तमान परिवेश में भी अत्यंत प्रासंगिक है | जो लोग बुरा काम करने के बाद पर्दा डालने की […]